मद्य निषेध अभियान को जन आंदोलन बनाएं, जागरूकता के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार का निर्देश

डीएम रोशन कुशवाहा ने की समीक्षा बैठक, नुक्कड़ नाटक से लेकर शिक्षा व जीविका के जरिए गांव-गांव तक पहुंचेगा नशामुक्ति का संदेश

समस्तीपुर/नवनीत कुमार झा : जिले में मद्य निषेध अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन एवं जन-जागरूकता को लेकर जिलाधिकारी रोशन कुशवाहा ने मंगलवार को अपने कार्यालय कक्ष में समीक्षा बैठक की। 27 अक्टूबर से 26 नवंबर तक संचालित अभियान की समीक्षा करते हुए डीएम ने संबंधित अधिकारियों को जागरूकता गतिविधियों में तेजी लाने तथा इसे जन आंदोलन का स्वरूप देने का निर्देश दिया।

जिलाधिकारी ने कहा कि मद्य निषेध अभियान का उद्देश्य शराब के सेवन और अवैध कारोबार के दुष्परिणामों से आम लोगों को जागरूक करना तथा समाज में नशामुक्ति के प्रति सकारात्मक वातावरण तैयार करना है। उन्होंने प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया के माध्यम से अभियान का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

नुक्कड़ नाटक से गांव-गांव तक पहुंचेगा संदेश

डीएम ने नुक्कड़ नाटक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से नशे के सामाजिक, पारिवारिक एवं स्वास्थ्य संबंधी दुष्परिणामों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी को लोकभाषा और स्थानीय परिवेश पर आधारित कार्यक्रम आयोजित करने को कहा गया, ताकि आम लोगों तक जागरूकता का संदेश सहजता से पहुंचे।

शिक्षा और जीविका को सौंपी अहम जिम्मेदारी

शिक्षा विभाग को विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं अभिभावकों के बीच जागरूकता गतिविधियां संचालित करने का निर्देश दिया गया। वहीं, जीविका के माध्यम से स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं एवं ग्रामीण परिवारों तक मद्य निषेध का संदेश पहुंचाने और सामुदायिक बैठकों के जरिए जनभागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया गया।

जिलाधिकारी ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ अभियान की गतिविधियों का समयबद्ध संचालन एवं नियमित समीक्षा करने का निर्देश दिया। बैठक में उत्पाद अधीक्षक मनोज कुमार सिंह, डीपीएम जीविका विक्रांत कुमार, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी रजनीश कुमार राय, जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी जूही कुमारी, डीपीओ शिक्षा शुभम कुमार सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।

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