घर की दीवारों को संवारने गया था संजय, करंट ने छीन ली जिंदगी; चार बच्चों के सिर से उठा पिता का साया

समस्तीपुर/विभूतिपुर /नवनीत कुमार झा : रोजी-रोटी की तलाश में मेहनत कर अपने परिवार का पेट पालने निकले 25 वर्षीय संजय दास को क्या पता था कि शनिवार का दिन उसकी जिंदगी का आखिरी दिन साबित होगा। जिस घर में वह पलस्तर का काम कर रहा था, वहीं बिजली की चपेट में आने से उसकी दर्दनाक मौत हो गई। संजय की मौत से पत्नी और चार बच्चों की दुनिया उजड़ गई। घटना विभूतिपुर थाना क्षेत्र के सुरौली पंचायत की है।

मिली जानकारी के अनुसार, सुरौली पंचायत के वार्ड संख्या 6 निवासी बदलु दास का पुत्र संजय दास शनिवार को पंचायत के ही वार्ड संख्या 12 स्थित दामोदर गांव में अमर कुमार राय के घर पर पलस्तर का काम कर रहा था। इसी दौरान वह अचानक बिजली के संपर्क में आ गया और गंभीर रूप से झुलस गया। घटना के बाद मौके पर अफरातफरी मच गई।

बताया जाता है कि अमर कुमार राय के घर में पिछले करीब 20 दिनों से पलस्तर का काम चल रहा था। मिस्त्री पंकज कुमार दास अपने सहयोगी प्रमोद कुमार राय के साथ काम कर रहे थे। वहीं, संजय पिछले 10 दिनों से मजदूर ललन राय के साथ वहां काम में जुटा था। शनिवार को भी सभी लोग अपने काम में लगे थे। इसी दौरान यह हादसा हो गया।

एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल तक दौड़ते रहे लोग

हादसे के बाद सहकर्मियों और गृहस्वामी की मदद से संजय को तत्काल दलसिंहसराय के एक निजी अस्पताल पहुंचाया गया। वहां से उसे अनुमंडलीय अस्पताल रेफर कर दिया गया। अनुमंडलीय अस्पताल में चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद परिजन शव लेकर घर पहुंच गए।

हालांकि, इसी बीच कुछ लोगों ने संजय के जीवित होने की बात कही। इसके बाद परिजन और अन्य लोग उसे लेकर विभूतिपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे, लेकिन वहां भी चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

शव को शाहपुर चौक ले जाने पर पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में लिया

इधर, पुलिस पोस्टमार्टम के लिए आवश्यक कागजी प्रक्रिया पूरी कर रही थी। इसी दौरान कुछ लोग शोर-शराबा करते हुए शव को लेकर शाहपुर चौक पहुंच गए। स्थिति को देखते हुए पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में लिया। बाद में शव को दोबारा थाने लाया गया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।

चार बच्चों के भविष्य पर टूटा दुखों का पहाड़

संजय की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। मां, पिता और पत्नी ज्योति देवी का रो-रोकर बुरा हाल है। संजय अपने पीछे एक पुत्र मंजय कुमार और तीन पुत्रियों मीनाक्षी कुमारी, मोनू कुमारी एवं सोनाक्षी कुमारी को छोड़ गया है।

जिस पिता के कंधों पर चार बच्चों के पालन-पोषण और भविष्य की जिम्मेदारी थी, अब उन बच्चों के सिर से हमेशा के लिए पिता का साया उठ गया। एक परिवार का सहारा छिनने से पूरे गांव में शोक की लहर है।

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